देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक बंशीधर भगत ने कालाढूंगी सीट से अपने बेटे विकास भगत के लिए टिकट की पैरवी की है। भगत ने संकेत दिए हैं कि अब वह खुद विधानसभा चुनाव लड़ने के बजाय अपने बेटे को मौका देना चाहते हैं। उन्होंने विकास की लोकप्रियता और क्षेत्र में सक्रियता का हवाला देते हुए कहा कि वह उनसे भी अधिक लोकप्रिय हो चुका है। हालांकि, टिकट पर अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
राजनीतिक विरासत बेटे को सौंपने की तैयारी
बंशीधर भगत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में दावेदारों की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। कालाढूंगी सीट से लंबे समय तक भगत का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आता रहा है, लेकिन अब वह इस सीट पर अपने बेटे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विकास क्षेत्र में लगातार सक्रिय है और उसे जनता का समर्थन भी मिल रहा है।
भगत के मुताबिक, उन्होंने पिछली बार भी बेटे के लिए टिकट की पैरवी की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया। इस बार वह चाहते हैं कि विकास को मौका मिले। उन्होंने यह भी दावा किया कि विकास उनसे अधिक मतों से जीतकर विधानसभा पहुंच सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पास है।
1975 में शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
बंशीधर भगत का राजनीतिक सफर वर्ष 1975 में जनसंघ से शुरू हुआ था। वर्ष 1991 में वह पहली बार नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 1993 और 1996 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की। वर्ष 2002 में हल्द्वानी से चुनाव लड़ने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2007 में उन्होंने हल्द्वानी सीट से जीत हासिल की।
इसके बाद वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कालाढूंगी सीट से लगातार जीत दर्ज कर वह सात बार विधायक बने। अपने लंबे राजनीतिक सफर में भगत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की भाजपा सरकारों में मंत्री रहे। वर्ष 2020 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया गया था।
विकास भगत भी भाजपा में सक्रिय
बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं और प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अब पिता की ओर से कालाढूंगी सीट पर उनके नाम की पैरवी किए जाने के बाद उनकी उम्मीदवारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बंशीधर भगत ने कहा, “जिस तरह मेरा बेटा क्षेत्र में सक्रिय है, उससे साफ है कि वह टिकट पाने का प्रबल दावेदार है। आज क्षेत्र में विकास की लोकप्रियता और सक्रियता मुझसे भी ज्यादा हो चुकी है। पिछली बार भी मैंने बेटे के लिए पैरवी की थी, लेकिन टिकट मुझे दिया गया। विकास मुझसे ज्यादा वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंचेगा। हालांकि, यह निर्णय पार्टी हाईकमान को लेना है कि वह टिकट किसे देता है।”
अब सबकी नजरें भाजपा के टिकट वितरण पर रहेंगी। कालाढूंगी सीट से विकास भगत को मौका मिलता है या पार्टी बंशीधर भगत समेत किसी अन्य दावेदार पर भरोसा जताती है, इसका फैसला आने वाले समय में होगा।