देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना शुरू करने, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच अंकों की छूट देने और राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में लगभग 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। वहीं, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच अंकों की विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया।
महिलाओं, खिलाड़ियों और शिक्षा पर जोर
मंत्रिमंडल ने राज्य की निराश्रित और एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया गया। इसके अलावा प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। पीएम पोषण योजना के तहत अन्नामृत फाउंडेशन को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीय रसोई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को उच्चीकृत कर हाईस्कूल स्तर तक संचालित करने पर भी सहमति बनी।
प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनों में बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही निदेशालय विभागीय लेखा और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे के पुनर्गठन के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी मिली है।
स्टांप से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए एकमुश्त समझौता योजना लागू करने का फैसला किया गया। राज्य में पुल और सड़क निर्माण की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल करते हुए दोनों के लिए अलग-अलग मंजूरी के बजाय एक ही स्वीकृति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ नाम को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
साहसिक पर्यटन और अन्य प्रस्तावों को मंजूरी
प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड साहसिक पर्यटन निगम लिमिटेड का गठन किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने मंजीरा देवी विश्वविद्यालय और आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के वर्ष 2026 के परिनियम प्रख्यापित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को भी विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई।
बैठक में लिए गए इन फैसलों के जरिए सरकार ने महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।