देहरादून। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिए गए कथित ‘घुसपैठिया’ बयान पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी इस बयान को लेकर कांग्रेस को घेर रही है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान को राजनीतिक संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
शीशपाल बिष्ट ने कहा कि अखिलेश यादव का उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद है और वहां की जनता राजनीतिक बयानों के साथ उनके अर्थ को भी अच्छी तरह समझती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, बेरोजगारी और विकास की धीमी रफ्तार को लेकर लोगों में नाराजगी है। इसके साथ ही महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा अखिलेश यादव के बयान को संदर्भ से अलग तरीके से पेश कर रही है, ताकि जनता का ध्यान इन मुद्दों से हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता मौजूदा भाजपा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है। उनके मुताबिक, प्रदेश में इंडिया गठबंधन के पक्ष में माहौल बन रहा है और आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन की सरकार बनने की संभावना है।
शीशपाल बिष्ट ने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली के प्रति उनकी नाराजगी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के खिलाफ जनआक्रोश बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर दिखाई देगा।
अखिलेश यादव के बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच उत्तराखंड की राजनीति में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।