देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी राज्य में लव जिहाद पर कानून बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार (09 अप्रैल) को कहा कि वह राज्य में लव जिहाद के प्रसार को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित और परेशान थे। उन्होंने कहा कि वह लव जिहाद को रोकने के लिए कदम उठाने जा रहे थे। सीएम तीरथ सिंह रावत ने ये बयान हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) केंद्रीय मार्गदर्शी मंडल की बैठक में दिया। शीर्ष विहिप नेताओं और संतों ने बैठक में भाग लिया और राज्य में लव जिहाद के प्रचार-प्रसार के के मुद्दे पर चर्चा की। इस बैठक में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने सरकार से लव जिहाद पर प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग की है। विहिप ने गुस्से में बैठक में कहा कि लव जिहाद एक सोची-समझी साजिश होती है। सरकार को इसके लिए अब राज्य में एक कानून बनाना होगा।

विहिप की मांग पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा, हाल ही में मैंने इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। राज्य में लव जिहाद के कम मामले हैं क्योंकि राज्य “देवभूमि” (देवताओं की भूमि) है और यहां के लोगों पर संतों का आशीर्वाद है। इसलिए यह (लव जिहाद) यहा ज्यादा नहीं है, लेकिन यह प्रबल है। मैंने इसके बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। मैंने चार दिन पहले एक बैठक की थी और सभी जिलों की रिपोर्ट ली थी। मैं चिंतित हूं और निश्चित रूप से मैं इसमें कुछ कदम उठाने जा रहा हूं।”
आसान शब्दों में कहें तो लव जिहाद या जिहाद मुस्लिम पुरुषों द्वारा गैर-मुस्लिम समुदायों से जुड़ी महिलाओं को इस्लाम धर्म में परिवर्तित कराने के लिए प्रेम का ढोंग रचना है। आपने भी देश में कभी-कभार लव जिहाद के किस्से सुने होंगे, लेकिन जब से सुप्रीम कोर्ट ने लव जिहाद को लेकर टिप्पणी की है, तब से ये शब्द चर्चा और बहस का ज्वलंत मुद्दा बन गया है।
लव जिहाद दो शब्दों से मिलकर बना है। अंग्रेजी भाषा का शब्द लव यानि प्यार, मोहब्बत या इश्क और अरबी भाषा का शब्द जिहाद। जिसका मतलब होता है किसी मकसद को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना। जब एक धर्म विशेष को मानने वाले दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उस लड़की का धर्म परिवर्तन करवा देते हैं तो इस पूरी प्रक्रिया को लव जिहाद का नाम दिया जाता है।