नैनीताल: हाईकोर्ट ने प्रदेश में वरिष्ठ अधीक्षक और अधीक्षक कारागार के रिक्त पदों पर पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई। मामले के अनुसार, काशीपुर निवासी अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।

इसमें कहा गया है कि सरकार की ओर से 12 फरवरी 2021 को एक आदेश जारी कर राज्य के कारागारों में रिक्त वरिष्ठ अधीक्षक एवं अधीक्षक कारागार के पदों पर पुलिस विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो कि पूरी तरह से असंवैधानिक है। उनकी नियुक्ति से जेल के कैदियों के साथ दुर्व्यवहार होने के साथ ही न्यायिक हिरासत एवं पुलिस हिरासत के बीच का अंतर समाप्त होने की स्थिति बन सकती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उक्त पदों पर की गई नियुक्तियों को निरस्त किया जाए। क्योंकि जेल एक सुधार गृह है, जहां पर इस तरह पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया जाना न्याय के विरुद्ध है।

कोर्ट ने पूर्व में सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। सोमवार को मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वरिष्ठ अधीक्षक एवं अधीक्षक कारागार के सात रिक्त पदों पर राज्य सरकार की ओर से की गई पुलिस विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य की जेलों में रिक्त पड़े पदों को जेल कर्मचारियों की पदोन्नति या रिक्तियों के आधार पर नियुक्ति करें। यदि आवश्यक हो तो इन पर अस्थाई नियुक्ति की जाए।