देहारादून: भारत कोरोना के दूसरी लहर की ज़द में है। कोरोना के हर रोज़ डेढ़ लाख से ज़्यादा मरीज़ सामने आ रहे हैं। इस बीच हरिद्वार में कुंभ की धूम है। यहां लाखों लोगों का जमावड़ा लगा है। बता दें कि हरिद्वार के कुंभ मेले में केवल सोमवार को ही 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। मेले के लिए कोरोना की गाइडलाइन जारी तो की गई हैं लेकिन इसका पालन करते कम ही लोग नजर आते हैं। उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने भी एक बयान में कह दिया कि गंगा मैया की कृपा से यहां कोरोना नहीं फैलेगा। वहीं आंकड़ों की बात करें तो केवल हरिद्वार में पिछले पांच दिनों में 1500 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। लोग सवाल ये उठा रहे है 2020 मे जब भारत मे कोरोना की पहली लहर थी तो निज़ामुद्दीन मरकज़ मे पनाह लिए जमातीयों को लोग जेहादी तक बता रहे थे। और निज़ामुद्दीन मरकज़ को कोरोना का हॉट स्पॉट बताया गया था कई राजनीतिक लोगों ने तो ये तक कह दिया था की जमातीयों ने मरकज़ मे ठहर कर जामतियों ने पूरे देश मे कोरोना फैलाया है लोग यहाँ तक कह रहे थे की जमाती कोरोना बम बनकर काम कर रहे थे। और जमातीयों को कोरोना का आतंकवादी तक बता दिया था। कई चैनलों पर डिबेट मे जमातीयों को बुरा भला कहा गया इस्लाम का नाम बदनाम करने वाला कहा गया ।

हरिद्वार कुम्भ मेले को लेकर उत्तराखंड के सीएम रावत ने कहा, कुंभ में मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैल सकता। लेकिन सवाल ये है की क्या अल्लाह के करम कोरोना फैला ? सच तो ये है सीएम साहब कोई भी संक्रमण धर्म जाती देखकर नहीं फैलता है और न ही संक्रमण ये जानता है की वो कुम्भ मेले से फैल रहा है या मरकज़ से । बेशक हरिद्वार कुम्भ 12 साल मे एक बार आता है लेकिन इस वक़्त संक्रमण का दौर है ये दुर्भाग्य की बात है की लोगों की आस्था को कोरोना आड़े आ रहा है । आगे सीएम साहब ने कहा, ‘कुंभ की तुलना मरक़ज़ से करना ग़लत है। मरक़ज़ में सभी लोग एक बंद कमरे में रहते थे। एक छत के नीचे सोते थे, इसलिए कोरोना फैला। सीएम साहब शायद ये नहीं जानते की मरज़ मे रुकने वाले मात्र हजारो थे लेकिन कुम्भ मे सोमवार शाही स्नान 35 लाख लोगों ने किया है और ये बात सीएम ने खुद ट्वीट करके कही। और मरकज़ मे रुकने वाले लोग बेशक एक छत के नीचे थे वो संक्रमण लोगों तक नहीं फैलने दे रहे थे ठीक इसके विपरीत कुम्भ मे स्नान करके श्रद्धालु पूरे देश के कोने कोने तक जा रहे हैं अगर 35 लाख मे से 3500 लोग भी संक्रमण लेकर देश मे घूमे तो कोरोना विस्फोट हो सकता है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का 20 मार्च को कहना कि “मैं दुनिया भर के सभी भक्तों को हरिद्वार आने और महाकुंभ के दौरान गंगा में एक पवित्र डुबकी लगाने के लिए आमंत्रित करता हूं। कोरोना के नाम पर किसी को नहीं रोका जाएगा क्योंकि हमें यकीन है कि भगवान में विश्वास वायरस के डर को दूर करेगा। यह दावा करते हुए कि सभी केंद्रीय दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा और केवल एक नकारात्मक आरटी-पीसीआर वाले लोगों को आने की अनुमति दी जाएगी, रावत ने बार-बार कहा कि कोई “रोक टोक या बाधाएं नहीं होंगी। “कोई सख्ती नहीं है।
बता दें कि हरिद्वार के कुंभ मेले में केवल सोमवार को ही 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। मेले के लिए कोरोना की गाइडलाइन जारी तो की गई हैं लेकिन इसका पालन करते कम ही लोग नजर आते हैं। उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने भी एक बयान में कह दिया कि गंगा मैया की कृपा से यहां कोरोना नहीं फैलेगा। वहीं आंकड़ों की बात करें तो केवल हरिद्वार में पिछले पांच दिनों में 1500 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।और उन लोगों की इसमे कोई गिनती नहीं जो हरिद्वार से निकलकर अपने घर जा चुके हैं । ये तो रिपोर्ट ही बता सकती है की वो लोग कोरोना संक्रमित हैं या नहीं।
कुंभ मेले से लौटने वाले लोग कोरोना संक्रमण बढ़ा सकते हैं
शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को यह आशंका व्यक्त की कि हरिद्वार के कुंभ मेले से लौटने वाले लोग कोविड-19 संक्रमण के संभावित वाहक बन जाएंगे, जिससे खतरा पैदा होगा। राउत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले लाखों भक्तों ने हरिद्वार में गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर पवित्र डुबकी लगाई।राउत ने कहा, ‘‘त्योहारों और धार्मिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाना शिवसेना के लिए पीड़ादायक है, लेकिन पार्टी में लोगों के जीवन को बचाने के लिए ऐसा करने का साहस है। हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। मेरा मानना है कि कुंभ मेला से आने वाले लोग कोरोना वायरस के संक्रमण को और अधिक फैला सकते हैं, जिससे तबाही होगी।’’

इससे पहले, दिन में पत्रकारों से बात करते हुए, मुंबई के प्रभारी मंत्री और कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा था कि राज्य सरकार को कुंभ मेले से लौटने वाले लोगों को लेकर दिशा-निर्देश तय करने होंगे, क्योंकि समारोह के दौरान कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन नहीं किया गया। कोविड-19 मामलों और इससे हुई मौतों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सोमवार तक राज्य में कोविड-19 के कुल 34,58,996 मामले आ चुके हैं, जबकि 58,245 मौतें हो चुकी हैं।