हरिद्वार: कुंभ मेला बेरोकटोक जारी रहेगा। कोरोना संक्रमितों के बढ़ते मामलों के बीच सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हुईं कि मुख्यमंत्री ने संतों से कुंभ मेला समय से पहले समाप्त करने में सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ऐसी खबरों का खंडन किया है और इन्हें कोरी अफवाह करार दिया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कुंभ मेले का आयोजन समय से पहले रद्द करने के संबंध में केंद्र सरकार से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।

देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। हरिद्वार जिले में हो रहे कुंभ मेले में बड़ी संख्या में जुट रही भीड़ को लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों के बीच बुधवार को सोशल मीडिया पर यह सूचना वायरल होने लगी कि प्रदेश सरकार आधिकारिक रूप से कुंभ मेला समाप्त कर सकती है। दरअसल, कुंभ मेले में तीन प्रमुख शाही स्नान संपन्न हो चुके हैं। इस माह के आखिरी हफ्ते में 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का शाही स्नान रह गया है। बुधवार को हुए शाही स्नान में पिछले शाही से स्नान से काफी कम भीड़ जुटी। अब सरकार के सामने बस आखिरी शाही स्नान को संपन्न कराने की चुनौती है।
फोर्स की वापसी एक दो दिन में शुरू

इधर, गत चार तीन से हरिद्वार में डेरा डाले डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि कुंभ का मुख्य स्नान बुधवार को समाप्त हो गया है। इस कारण फोर्स की वापसी एक दो दिन में शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अब 30 अप्रैल तक केंद्रीय बलों सहित आधा फोर्स ही हरिद्वार में रहेगा, शेष बल अपने अपने पड़ाव पर वापस लौट जाएंगे।
डीजीपी ने बताया कि बुधवार को बीते 12 अप्रैल के स्नान के मुकाबले कम भीड़ रही। इससे आने वाले दिनों में भी भीड़ सामान्य रहने के आसार है। जिसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। बता दें कि इससे पहले सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा था कि आज कुंभ मेला खत्म हो सकता है।