हरिद्वार: हरिद्वार में इन दिनों कुंभ मेला चल रहा है। यहां पिछले पांच दिनों के भीतर 2167 श्रद्धालुओं को कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है। यह स्थिति तब है जब यहां बगैर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के लोगों को प्रवेश नहीं मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कुंभ की भीड़ चर्चा का विषय है। स्वास्थ्यकर्मियों ने मेला क्षेत्र में 10 से 14 अप्रैल के बीच 2 लाख 36 हजार 751 कोविड जांच की, जिनमें से 2167 लोगों की रिपोर्ट में उनके महामारी से ग्रस्त होने की पुष्टि हुई।
हाल ही मे समाप्त हुए शाही स्नान के बाद अखाड़ों में कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को भी श्रीपंचदशनाम जूना, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े के नौ संतों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही अखाड़ों में संक्रमित संतों का आंकड़ा 49 पहुंच गया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी भी कोविड-19 संक्रमित हैं। उनका एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।

सोमवार को सोमवती अमावस्या तथा बुधवार को मेष सक्रांति और बैसाखी के पर्व पर हुए दोनों शाही स्नानों में गंगा में डुबकी लगाने वाले 48.51 लाख श्रद्धालुओं में से ज्यादातर लोग बिना मास्क पहने और सामाजिक दूरी रखने जैसे कोविड से बचाव के नियमों का उल्लंघन करते नजर आए। 14 अप्रैल को मेष सक्रांति के शाही स्नान के पहले साधु-संत आरटी-पीसीआर जांच के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था की वो बुधवार को शाही स्नान के बाद ही अपनी रिपोर्ट कराएंगे।
खरगोश वाले बाबा की कोरोना से मौत
जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से अपना पांव पसारता जा रहा है। चित्रकूट के नयागांव के मां तारा आश्रम के महामंडलेश्वर कपिल देवदास नागा महाराज ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। कपिल मुनि महाराज खरगोश वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध थे। प्रयागराज में माघ मेला एवं कुंभ में उनका अखाड़ा लगता था। उनके देशभर में हजारों शिष्य है।

बता दें कि कपिल मुनि महाराज महा कुम्भ में शामिल हुए थे। इसके बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी थी। रिपोर्ट के बाद उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान महामंडलेश्वर की मौत हो गई।

माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर जाएंगे, तो कोरोना नहीं फैलेगा – उत्तराखंड CM
कोरोना महामारी के बीच हरिद्वार में महाकुंभ के आयोजन के दौरान लगातार बरती जा रही लापरवाहियों के चलते विवादों में चल रहे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 2 दिन पूर्व मे एक हास्यास्पद ब्यान दिया था। तीरथ सिंह रावत का कहना था कि मां गंगा के आशीर्वाद से यहां कोरोना नहीं फैलेगा। उन्होने कहा था माँ गंगा की अविरल धारा है। माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर जाएंगे, तो कोरोना नहीं फैलेगा। जबकि ऐसा नहीं हुआ हरिद्वार कुम्भ के दौरान वहाँ कोरोना पॉज़िटिव लोगों की संख्या बढ़ती चली गई और खरगोश वाले बाबा की मौत के अलावा अभी 50 साधु और कोरोना पॉज़िटिव हैं जिनका उपचार किया जा रहा है।