हरिद्वार: कुंभ मेले पर कोरोना कहर बढ़ता जा रहा है। हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस के झा ने बयान जारी कर कहा है कि शुक्रवार को कुंभ मेले में भाग लेने वाले 24 संतों को कोरोना संक्रमित पाया गया है। इस तरह हरिद्वार में अब तक कुल 54 संत कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आ चुके हैं। बता दें कि हरिद्वार जिले में बीते 24 घंटों में 629 संक्रमित सामने आ चुके हैं, इनमें से 153 श्रद्धालु शामिल हैं। बता दें कि गुरुवार को मध्यप्रदेश से आए निर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोरोना से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक महामंडलेश्वर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया। माना जा रहा है कि महाकुंभ मेले में ये किसी संत की पहली मौत थी।
आज कुंभ मेले में भाग लेने वाले 24 संतों को #COVID19 पॉजिटिव पाया गया है; अब तक 54 संतों को पॉजिटिव पाया गया है: डॉ एस.के. झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार #Uttarakhand
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 16, 2021
बता दें कि इससे पहले अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि भी 12 अप्रैल को होने वाले शाही स्नान से पहले कोरोना पॉजिटिव निकले थे। महंत नरेंद्र गिरि को दो दिन से बुखार की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहीं, कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल लिया गया था। लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें रविवार सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जैसे ही बीते रविवार दोपहर को महंत नरेंद्र गिरी के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सामने आई, हड़कंप मच गया। क्योंकि रिपोर्ट आने तक महंत कई साधु-संतों के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नजदीक से मुलाकात कर चुके थे। जबकि बुखार आने से पहले उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की थी। दिगंबर अणि अखाड़े के महंत एवं अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठ योगी ने कहा कि संन्यासी अखाड़ों ने अपने स्वार्थ के चलते जनता को महामारी में झोंका है। 11 अप्रैल 2022 तक बृहस्पति कुंभ राशि में है। 14 अप्रैल 2022 को मेष राशि में सूर्य आ रहा है। ऐसे में इस साल जल्दी क्या थी। सांकेतिक स्नान कर महामारी से बचा जा सकता था।

सीएम का बयान चर्चाओं मे
सीएम के उस बयान की हर मीडिया चर्चा कर रहा है जिसमे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि मां गंगा के आशीर्वाद से यहां कोरोना नहीं फैलेगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कुंभ की तुलना मरकज ने नहीं की जा सकती। मरकज से जो कोरोना फैला वो इसलिए कि वो बंद कमरे में थे। लेकिन कुंभ खुले में है इसलिए कोरोना नहीं फैलेगा। रावत ने दावा किया कि माँ गंगा की अविरल धारा है, माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर जाएंगे तो कोरोना नहीं फैलेगा। जबकि ऐसा नहीं हुआ लगातार साधू संतों की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आ रही है।