पटना: नालंदा जिले में एक फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार किया गया है। इसकी गिरफ्तार से कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। एसपी हरी प्रसाथ एस के निर्देश पर सदर डीएसपी डॉ शिब्ली नोमानी ने इस फर्जी आईपीएस दबोचने में सफलता हासिल की। पुलिस गिरफ्त में आया शख्स फर्जी आईपीएस बनकर कई छात्रों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। यह फर्जी आईपीएस छात्रों को आईडी आर्ड देकर तैनाती के लिए भेज दिया करता था। पुलिस पकड़ मे आए फर्जी आईपीएस का नाम सुजीत कुमार है। वो दीपनगर के कोरई गांव का रहने वाला है। ये शख्स फर्जी आईपीएस बनकर ठगी कर रहा था। बताया जा रहा है सुजीत कुमार फर्जी आईपीएस बनकर राज्य के कई वरीय पुलिस अधिकारियों की फोटो से अपने प्रोफाइल फोटो बना लेता था। इसके दम पर वो लोगों को अपने विश्वास में लेकर बिहार विधानसभा, सचिवालय, रेलवे में टेक्नीशियन, टीसी समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलाने की बात कह करोड़ों की ठगी कर ली गई।

यह फर्जी आईपीएस अधिकारी ने झांसे में आए लोगों को फर्जी आईडी कार्ड देकर तैनाती के लिए भेज दिया। यह शख्स झांसे में आए लोगों से तीन लाख से लेकर सात लाख रुपये तक वसूल कर फर्जी पहचान पत्र, आईडी कार्ड बनाकर उन सभी विभागों में ज्वाइन करने के लिए भी भेज दिया था। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। इसको लेकर पीड़ित छात्रों ने डीएसपी सदर डॉ शिब्ली नोमानी को आपबीती सुनाते हुए शिकायत की। साथ ही इन पीड़ित छात्रों ने बताया कि वह हम लोग को बहुत बड़ी लालच दिखाकर किसी से तीन लाख तो किसी से सात लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी से वसूली की है।

पुलिस ने फर्जी आईपीएस के कब्जे से वर्दी समेत कई चीजें बरामद कीं
मामले पर डीएसपी सदर डॉ शिब्ली नोमानी ने बताया कि पकड़े गए फर्जी आईपीएस के पास से दो-दो स्टार, एक अशोक स्तम्भ की खाकी वर्दी को बरामद किया गया है। जिस पर डीईपी एआईजी लिखा हुआ पाया गया। इसके अलावा कमर की बेल्ट से एक नकली प्लास्टिक पिस्टल भी बरामद हुई है। इसके अलावा उसने बजाप्ता ऑफिस खोला हुआ था। इस समय पुलिस मामले की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस इस मामले को लेकर ठगी के शिकार हुए सभी लोगों से पूछताछ कर रही है।