देहरादून: उपनल कर्मचारियों को बिना अनुमति रैली निकालना भारी पड़ गया। इस मामले में डालनवाला कोतवाली में 400 उपनल कर्मचारियों के खिलाफ कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन नहीं करने के आरोप में आपदा प्रबंधन एवं महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

हाथीबड़कला पुलिस चौकी के प्रभारी देवेश खुगशाल ने बताया कि शनिवार को सैकड़ों उपनल कर्मचारियों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए मुख्यमंत्री आवास कूच किया था। सुबह कर्मचारी धरनास्थल से परेड ग्राउंड पहुंचे। इसके बाद दोपहर करीब पौने दो बजे परेड ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए हाथीबड़कला पहुंच गए। यहां बेरिकेडिंग लगाकर रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तरफ पानी की खाली बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। बेरिकेडिंग हटाने की भी कोशिश की। इस दौरान कई कर्मचारियों ने मुंह पर मास्क तक नहीं लगा रखा था। शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं किया गया।
सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी मुकदमा
उपनल कर्मचारियों के पानी की टंकी पर चढऩे और सरकारी काम में बाधा डालने पर भी डालनवाला कोतवाली में अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा जल संस्थान के सहायक अभियंता राघवेंद्र डोभाल की शिकायत पर दर्ज किया गया है। सहायक अभियंता ने बताया कि उपनल के कुछ कर्मचारी परेड ग्राउंड के निकट आइटीआइ परिसर स्थित ट्यूबवेल का ताला तोड़कर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इसके चलते कर्मचारी जलापूर्ति नहीं कर सके। उपनल कर्मचारी समझाने पर भी नहीं माने और सरकारी काम में बाधा डाली।