देहरादून: प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज पांडे ने कहा कि राज्य में कोविड की रोकथाम के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं और किसी भी तरह से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। श्री पांडे ने कहा इस बीमारी से लड़ने के लिए सभी को व्यवस्था के साथ कोविड निमयों का पूरी तरह से पालन करना होगा। सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज पांडे ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि कोविड की रोकथाम के लिए प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं हैं। किसी भी तरह से पैनिक होने की आवश्यक्ता नहीं है। संक्रमित व्यक्त्यिों को जरुरत के अनुसार हर सुविधा मुहैया कराईजाएगी। उन्होंने बताया कि गत 24 घंटों में 2,160 मरीज प्रदेश में कोविड के संक्रमित पाए गए हैं। अब प्रदेश में कुल सक्रिय (एक्टिव) मरीजों की संख्या 18,864 हो गई है। उन्होंने बताया कि 13500 के लगभग मरीज होम आइसोलेशन में हैं ओर करीब 5000 मरीज विभिन्न अस्पतालोें में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

प्रभारी सचिव ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 7000 से अधिक आइसोलेशन बेड खाली हैं। इसके अलावा 2500 से अधिक आक्सीजन सपोर्टर बेड, 363 आईसीयू बेड तथा 463 वैंटिलेटर प्रदेश में खाली हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7 जनपदों में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसमें देहरादून में सबसे अधिक 44, नैनीताल में 26, पौड़ी में तीन, उत्तरकाशी में तीन तथा उधम सिंह नगर में एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। सात हजार से अधिक आइसोलेशन और ढाई हजार
तीन लाख वैक्सीन उपलब्ध
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। अभी तीन लाख के करीब वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध है। प्रदेश में अभी तक एक लाख 88 हजार 900 हैल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया जा चुका है। जिसमें 1.79 लाख फ्रंट लाइन वर्कर्स शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 15 लाख 95 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
राज्य में तीन आक्सीजन मैनिफैक्चरिंग प्लांट
राज्य में आक्सीजन की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। प्रदेश में जो तीन आक्सीजन मैनिफैक्चरिंग प्लांट हैं उनमें पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। मात्र 6 माह की समयावधि मे यहां 8 आक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए गए हैं। आक्सीजन सिलेंडरों की भी कोई कमी नहीं है।
रेमडेसिविर इंजेक्शन आपूर्ति की जा रही
स्वास्थ्य प्रभारी सचिव ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की राज्य ही नहीं पूरे देश में इसकी कमी है। लेकिन प्रदेश में जल्द ही इंजेक्शन की आपूर्ति हो जाएगी। इससे घबराने की बात नहीं है। इसके लिए कंपनी से सम्पर्क कर डिमांड की गई है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि उपचार के इंतजाम समुचित हैं लेकिन संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोविड की गाइडलाइन का पालन करना बहुत जरूरी है।