देहरादून: जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम तीरथ ने राज्य की सीमाओं पर पूरी गम्भीरता से जांच की जाए। प्रदेश में आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट के बिना अनुमति न दी जाए। प्रदेश में दिल्ली, पंजाब सहित 12 राज्यों से आने वालों की 72 घंटे की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी होती है। शासन की ओर से इसका सीधा आदेश अभी तक जारी नहीं किया गया है। इसकी जगह शासन ने इसकी एडवायजरी जारी की थी।
उत्तराखण्ड वापस आने वाले प्रवासी लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिये पिछली बार के पोर्टल को दोबारा एक्टिव किया जाए। घर लौटने पर प्रवासियों के लिये होम क्वारटाइन अनिवार्य किया जाए। सीएम ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने की आवश्यकता है। ग्राउंड में काम करने वाले फ्रंटलाईन वर्क्स का मनोबल बढ़ाया जाए। कोशिश की जाए कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी और अन्य फ्रंटलाईन वर्क्स संक्रमित न हों। इसके लिए सभी तरह की सावधानी बरती जाए। टीकाकरण में और तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को इसके निर्देश दे दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, डा पंकज कुमार पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

अगले आदेश तक सभी शिक्षण संस्थान बंद
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में कोरोना संक्रमण में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थान बंद करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा के दौरान इस आशय के निर्देश दिए। सरकार राज्य में स्थित उच्च शिक्षण संस्थान पहले ही 30 अप्रैल तक बंद कर चुकी है।
इस दौरान कोविड को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन पूरी सख्ती से करवाने, जिले में कोविड केयर सेंटरों को मजबूत करने, प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने और राज्य की सीमाओं पर पूरी गंभीरता से चेकिंग करने के भी निर्देश दिए।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) April 19, 2021
इसके अलावा चकराता व कालसी क्षेत्र को छोड़कर देहरादून जिले के शेष हिस्से, संपूर्ण हरिद्वार जिले, हल्द्वानी नगर निगम व नैनीताल नगरपालिका क्षेत्र में इस महीने के अंत तक सभी स्कूल भी बंद हैं। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिलों में सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए जाएंगे।