हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में कोरोना संक्रमण तेज होता जा रहा है। हरिद्वार में कुंभ मेला भी चल रहा है, जिसकी वजह से शहर में भारी भीड़ जमा है। कोरोना संक्रमण ने पतंजलि योगपीठ में भी पैर पसार लिए हैं। 18 अप्रैल को पतंजलि के आचार्यकुलम, योगपीठ और योग ग्राम में 39 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं, 10 दिन में 73 लोग कोविड पॉजिटिव आ चुके हैं। पतंजलि के अलग-अलग केंद्रों में भी कोरोना वायरस का प्रकोप देखने को मिल रहा है। बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ के कई केंद्रों में अब तक 73 लोग संक्रमित हो चुके हैं। रिपोर्ट का कहना है कि 19 अप्रैल को भी पांच नए मामले दर्ज हुए हैं। इससे एक दिन पहले 18 अप्रैल को पंतजलि के सबसे ज्यादा 39 लोग पॉजिटिव पाए गए थे।

कोरोना की दवा बनाने का दावा
बता दें कि पिछले साल जून को पतंजलि आयुर्वेद ने राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाने का दावा किया था। पतंजलि आयुर्वेद की ओर से जो दवा पेश की गई थी उसका नाम कोरोनिल और श्वासारी बटी रखा गया था। गौरतलब है कि बीते 23 जून २०२० को बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने दावा किया कि उन्होंने कोरोना वायरस के इलाज की दवा बना ली है। राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाने का दावा कर रामदेव ने कोरोना-किट नाम से इसे लॉन्च भी किया। लॉन्च की गई दवा का नाम कोरोनिल और श्वासारी बटी था। दवा लॉन्च करने समय रामदेव और उनकी कंपनी ने दावा किया था कि इसका कई मरीजों पर परीक्षण किया गया था, जिसके नतीजे सकारात्मक आए थे। लेकिन इस दावे पर सवाल उठाते हुए आयुष मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस भेजा था। इसके बाद उत्तराखंड ड्रग कंट्रोलर की ओर से भी नोटिस भेजा गया था। फिर बाबाराम देव की और इस दवाई की काफी किरकिरी हुई थी।