देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना का कहर अपने चरम पर है। संक्रमितों की संख्या और मौत का बढ़ता आंकड़ा संक्रमण की भयावहता बयां कर रहा है, डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पहाड़वासियों पर भारी पड़ रही है। ऐसे हालात के बीच लोक सेवा आयोग से राहत की खबर आई है। स्वास्थ्य विभाग को राज्य लोक सेवा आयोग से 345 नए चिकित्साधिकारी मिले हैं। इनकी तैनाती से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को अब काफी राहत मिल गई है। मार्च में भी स्वास्थ्य विभाग को 403 नए चिकित्सक मिले हैं। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने स्वास्थ्य विभाग में 763 पदों के सापेक्ष 403 डॉक्टरों की चयन सूची जारी की. हालांकि आरक्षित श्रेणी के पदों पर बोर्ड को अभ्यर्थी नहीं मिले, जिससे 359 पदों पर भर्ती नहीं हो पाई।

चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति से कोरोना महामारी से निपटने में मदद मिलेगी-सीएम
सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार विस्तार दिया जा रहा है, इन चिकित्सकों के आने से कोविड महामारी से निपटने में सरकार को काफी मदद मिलेगी, जल्द इनकी तैनाती कर दी जाएगी, इनकी तैनाती से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं और भी सुदृड़ होंगी. सीएम ने दावा किया कि कोविड महामारी से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर और तैयार है।
इसी कड़ी में आज राज्य के स्वास्थ्य विभाग को 345 नए चिकित्साधिकारी मिले हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि नए चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति से कोरोना महामारी से निपटने में मदद मिलेगी।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) April 22, 2021
उत्तराखंड में लंबे वक्त से डॉक्टरों की कमी
उत्तराखंड काफी वक्त से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। हालांकि कुछ साल में हालात थोड़े सामान्य हुए हैं, मगर मैदानी जिलों में ही स्थिति सुधरी है, पहाड़ में आज भी वही हालात हैं, डॉक्टर पहाड़ पर तैनाती के लिए राजी ही नहीं होते। स्वास्थ्य महकमे के लाख जोर लगाने के बाद भी डॉक्टर पहाड़ नहीं चढ़ते, इसी का नतीजा है कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कुल 1 हजार 258 पदों के सापेक्ष आधे डॉक्टर भी तैनात नहीं है ।