चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बार फिर से हिमखंड के टूटने से तबाही मची है। चमोली जिले के जोशीमठ सेक्टर के सुमना क्षेत्र में हिमखंड टूटने के बाद सेना ने जहां सड़क निर्माण कार्य में लगे 384 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया है वहीं अबतक आठ शव भी बरामद किए गए हैं। वहीं बचाए गए लोगों में छह लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सेना का राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। बर्फ के नीचे फंसे लोगों का पता लगाया जा रहा है। बर्फबारी के बीच भी सेना ने अपना अभियान जारी रखा है।
जानकारी के मुताबिक 23 अप्रैल में सुमना टू के बीआरओ शिविर में हिमस्खलन हुआ, इससे पूरा शिविर तबाह हो गया। शिविर में सड़क निर्माण में जुटे मजदूर, मशीन चालक, अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। इनकी संख्या अभी पता नहीं चल सकी है कि कितने लोग कैंप में मौजूद थे। लेकिन सेना का कहना है कि अभी कई लोग लापता हैं और सेना का राहत-बचाव कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हेलीकॉप्टर से घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने रात में बात की थी और घटना की जानकारी ली थी। एनडीआरएफ की टीम और जिला प्रशासन राहत बचाव में लगा है। आइटीबीपी और बीआरओ को भी बता दिया गया है। राहत और बचाव जारी है। मैंने भी एरियल सर्वे किया है। कनेक्टिविटी नहीं होने से बचाव के कार्य में बाधा हो रही है।
#WATCH | Uttarakhand: CM Tirath Singh Rawat conducts an aerial survey of Sumna area of Joshimath Sector in Chamoli district, where an avalanche occurred yesterday during heavy snowfall. pic.twitter.com/Iq8bz1hFYC
— ANI (@ANI) April 24, 2021
बता दें कि इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य चल रहा था और हिमस्खलन की सूचना के बाद बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल के नेतृत्व में टीम मौके के लिए रवाना हुई थी। बताया गया कि टीम भी सड़क बंद होने के चलते रास्ते में ही फंसी है, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि आईटीबीपी के पास सीमा में संशाधन उपलब्ध हैं और उनके पास घटना को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।