हरिद्वार: कोरोना पर नियंत्रण के नाम पर राज्य में दोहरे नियम लागू किए जा रहे हैं। जहां राज्यभर में दोपहर दो बजे बाद बाजार बंदी और शाम सात बजे से कोविड कफ्र्यू लागू है। वहीं, हरिद्वार कुंभ क्षेत्र को इससे छूट दी गई है। हरिद्वार कुंभ में 27 अप्रैल को शाही स्नान होना है। वहां राज्य सरकार का 26 फरवरी का आदेश लागू है, जिसमें नेगेटिव रिपोर्ट के साथ ही मास्क की अनिवार्यता की गई है। खास बात यह है कि जब ज्यादात्तर अखाड़ों ने अब अपने शिविर समेट लिए हैं तो फिर भी वहां पुराने ही आदेश लागू हैं। हरिद्वार में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। हरिद्वार मे कोरोना से मौतों की संख्या ने रविवार को सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। एक दिन में सर्वाधिक 11 लोगों ने कोरोना के चलते अपनी जान गंवाई है। वहीं रविवार को हरिद्वार मे 824 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 10 इलाकों को कंटेंमेंट जोन घोषित किया गया है।

कल होने वाले शाही स्नान के लिए मेला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली हैं। अखाड़ों से बातचीत करने के बाद अखाड़ों के स्नान का समय भी तय कर दिया गया है। अखाड़े 14 अप्रैल के शाही स्नान के क्रम में ही इस बार भी स्नान करेंगे। वहीं, कोरोना वायरस महामारी की वजह से संतों और श्रद्धालुओं की तादाद काफी कम रहने की उम्मीद है। इस स्थिति के मद्देनज़र मेला प्रशासन ने नया ट्रैफिक प्लान लागू नहीं किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चैत्र पूर्णिमा पर होने वाला हरिद्वार कुंभ का अंतिम शाही स्नान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से निर्धारित क्रम के मुताबिक ही होगा। शाही स्नान के दौरान अखाड़ों के आने वाले रास्तों को भी ब्लॉक नहीं किया जाएगा। हाई वे पर आवागमन यथावत रहेगी। इसके साथ ही सभी अखाड़ों से अपील की गई है कि, वह स्नान को प्रतीकात्मक रूप से ही मनाएं। कम से कम तादाद में ही संत स्नान के लिए पहुंचे।