Nirbhik Nazar

10 रुपये की चाय के चक्कर में पकड़े गए करोड़ों के जेवर लूटने वाले लुटेरे, 3 गिरफ्तार

दिल्ली: पहाड़गंज इलाके में हुई 6 करोड़ के गहनों की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने लूट में शामिल तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों को पकड़ने में पुलिस के लिए मददगार बनी 10 रुपये की चाय। जिसे एक लुटेरे ने कुछ दिन पहले पहाड़गंज की एक दुकान पर रेकी के दौरान पी थी। साथ ही चाय के पैसे देने के लिए उसने एक कैब चालक को 100 रुपये पेटीएम कर उससे नगद लिया था। इसी सुराग से पुलिस आरोपितों को पकड़ने में कामयाब रही। गिरफ्तार आराेपितों में एक के मामा ने पार्सल कंपनी के कर्मचारियों द्वारा करोड़ों के गहने लाने ले जाने के बारे में मुखबिरी की थी। वारदात में कुल पांच युवक शामिल थे। फरार दो अन्य की पुलिस तलाश कर रही है। पांचों फर्स्ट टाइमर (पहली बार चोरी करने वाले) हैं। इससे पहले इनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है। इन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। जिससे आसान तरीके से जल्द अत्यधिक पैसा कमाने के मकसद से पांचों ने साजिश को अंजाम दिया था।

आरोपित ने पहनी थी पुलिस की वर्दी

डीसीपी श्वेता चौहान के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम नागेश कुमार, शिवम और मनीष कुमार है। तीनों नजफगढ़ के रहने वाले हैं। इनमें नागेश वारदात के दौरान पुलिस की वर्दी पहने हुए था। उसने किंग्सवे कैंप से वर्दी खरीदने की बात कही है। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद पुलिस ने 700 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। उसके बाद उन्हें आराेपितों के बारे में सुराग मिला। इनकी निशानदेही पर लूटे गए 6270 ग्राम सोना के गहने, तीन किलो चांदी के गहने, 500 ग्राम सोना और 106 हीरा के गहने बरामद किए गए। 31 अगस्त की तड़के पहाड़गंज पुलिस को दो कोरियर कर्मचारियों से लूटपाट की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस को सोमवीर और एक अन्य मिला था। जांच से पता चला था कि वे चंडीगढ़ स्थित पार्सल कंपनी जय माता दी लॉजिस्टिक्स में पार्सल डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करते हैं।

बैग चेक करने के लिए कोरियर कर्मचारियों को रोका

दरिबापान गली में भी कंपनी का ऑफिस है। तड़के सवा चार बजे जब साेमवीर अपने सहकर्मी जगदीप सैनी के साथ कार्यालय से पार्सल लेकर डीबीजी रोड की ओर जा रहा था। तभी पुलिस की वर्दी पहने एक ने चेकिंग के बहाने दोनों को रोक लिया और बैग चेक करने लगे। उसी दौरान दो युवकों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल बैग सौंपने की धमकी दी।

बैग लूटकर आरोपित फरार हो गए थे

यह पूरी तरह से ब्लाइंड केस था। पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास लगे 700 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। सात दिनों के फुटेज की जांच करने पर कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दी। जांच से पता चला कि घटना से पांच दिन पहले भी वे लोग रेकी करने उस जगह पर आए थे।

कैब चालक से लिया था कैश

उनमें एक आरोपित की एक कैब चालक के साथ बात करते हुए तस्वीरें मिली। पहले चालक के बारे में पता लगा। उससे पूछताछ की गई, तब चला कि आरोपित ने उनसे चाय पीने के लिए 100 रुपये नगद लिया था। बदले में युवक ने उसे पेटीएम कर पैसे लौटा दिया था। पेटीएम के डिटेल से एक आरोपित की पहचान हुई।

बीए में पढ़ता है मास्टरमाइंड

उसके नजफगढ़ स्थित घर पहुंचने पर वह घर से गायब मिला। धीरे-धीरे सभी की पहचान कर ली गई। जांच में सभी के राजस्थान भाग जाने के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने जयपुर से तीनों को दबोच कर लूटे गए सभी गहने बरामद कर लिया। नागेश कुमार, दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक पास है। उसने दोस्तों और मामा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया वह डकैती मामले का मास्टरमाइंड है।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *