ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून। हरीश रावत को मंहगाई के विरोध मे कंधे पर सिलेंडर उठाकर रस्सी से ऑटो रिक्शा खींचने वाली बात को अभी ठीक से 24 घंटे भी नहीं गुजरे थे जो विपक्ष ने हरीश पर तंज़ कर दिया। और तंज़ भी इस अंदाज मे किया की कोरोनाकाल तक की भड़ास निकाल ली जी। जी हाँ जन औषधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने इशारों-इशारों में पूर्व सीएम हरीश रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर हाहाकार क्यों है? भट्ट ने कहा कि महंगाई के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक होते हैं और ये घटती-बढती रहती है। कोरोना महामारी के दौरान देश की 80 करोड़ गरीब जनता को मुफ्त राशन की सुविधा दी गई। पर कंधे पर सिलिंडर उठाने वालों ने तब इसकी तारीफ नहीं की। उन्हें तो बस पीएम मोदी के पीछे पड़े रहना है। आपको बता दें बढ़ती मंहगाई के विरोध मे कल उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने थोड़ा अलग अंदाज में अपना विरोध जताया था। उन्होंने राजधानी देहरादून में रस्सी के सहारे ऑटो रिक्शा को बांधकर कांग्रेस भवन से लेकर गांधी पार्क तक हाथों से खींचा था। साथ ही रावत ने गैस सिलिंडर को भी अपने कंधे पर रखकर बढ़ी कीमतों का विरोध किया था।

भट्ट ने आगे कहा कि कई लोग ताली-थाली बजाने पर भी कटाक्ष करते रहे हैं, जबकि यह हमारे कोरोना योद्धाओं का मनोबल बढाने का जरिया बना। इसी का नतीजा था कि भारत में अन्य देशों के मुकाबले कोरोना मृत्यु दर खासी कम रही। भारत आज दुनियाभर के देशों को कोविड वैक्सीन सप्लाई कर रहा है। वैक्सीन डिप्लोमेसी में भारत की पूरी दुनिया में वाह-वाही हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन को पीछे हटना पड़ा। श्रेय बेशक वैज्ञानिकों और सैनिकों को दिया जाना चाहिए। पर, यह मुमकिन तभी हुआ है, जब वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाने वाला या सेना को फ्री हैंड देने वाला कोई है, लेकिन कुछ लोग अच्छे की तारीफ करना ही नहीं जानते। उन्हें तो बस पीएम मोदी के पीछे पड़े रहना है।
ये भी पढ़िये